
Cooking Oil Price: केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में महंगाई को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है , सरकार की तरफ से रोजाना उपयोग में लाने वाली चीजों पर लगाए गए जीएसटी को कम करने का फैसला लिया गया है। बढ़ती महंगाई और उपभोक्ताओं की जेब पर बढ़ रहे भोज को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने जरूरी सामान पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटकर सीधे 5 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार के इस फैसले से व्यापारियों के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं को भी फायदा होगा।
दुकानदारों का मानना है , कि अगर सरकार रोजमर्रा की चीजों पर GST कम करती है और जीएसटी कम करने के फैसले को लागू करती है तो सरसों के तेल , घी , बादाम , नमकीन जैसे प्रतिदिन काम लगने वाले समान काफी सस्ते हो जाएंगे। आईए जानते हैं अगर सरकार जीएसटी काम करती है व 22 सितंबर से नियम लागू होता है। तो ऐसे में सरसों के तेल की क्या कीमत रहेगी ? और इससे आम जनता को कितना फायदा होगा?
खाद्य वस्तुएं होगी सस्ती ! बिक्री में होगा बढ़ोतरी
सरकार की तरफ से जीएसटी काम करने के बाद रोजाना उपयोग में आने वाली खाद्य वस्तुएं सस्ती हो जाएगी , अग्रवाल आटा चक्की और डाल स्टोर के मालिक दीपक गुप्ता का मानना है कि
अगर जीएसटी 12% से घटाकर 5% प्रतिशत किया जाता है। तो सरसों तेल , दूध , दही , छाछ , घी , बादाम , जाम और नमकीन जैसे ब्रांडेड पैक काफी सस्ते हो जाएंगे और आम जनता को महंगाई से राहत मिलेगी। आईए जानते हैं कितना सस्ता होगा खाने वाला तेल की कीमत।
GST घटने के बाद खाने वाली सरसों की कीमत
खाने वाले सरसों के कीमत पर लगने वाले टैक्स जीएसटी , कम होने के बाद तेल की कीमत में काफी गिरावट होगी , उदाहरण के तौर पर कह सकते हैं 370 सरसों तेल पर अभी 44% तक की जीएसटी लगता है , अगर नई जीएसटी दर लागू होती है तो GST 18 रुपए लगेगा , अर्थात प्रत्येक पैक पर 26 रुपये सस्ता हो जाएगा।
650 रुपये के घी पर 78 रुपए की जगह मात्र 32 रुपये जीएसटी लगेगा , जिससे वह 45 रुपये सस्ता हो जाएगा।
प्रति लीटर 30 से 50 रुपये तक होगा सस्ता
अनुमानित तौर पर कह सकते हैं कि अगर जीएसटी खान की तेल पर घटाया जाता है तो खाने की तेल 30 रुपये से लेकर 50 रुपये तक सस्ता हो सकता है। यह तेल के ब्रांड , तेल की क्वालिटी और कंपनी पर निर्भर करती है।